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नवंबर तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में बने रहने के सवाल पर रामविलास पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को लेकर जो भी फैसला चिराग पासवान करेंगे, मैं उसके साथ हूं. अब चिराग ही अध्यक्ष हैं. उनको स्वतंत्र फैसला लेने का हक है.

पटना. आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar meeting elections) के मद्देनजर रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) का बड़ा बयान सामने आया है. नवंबर तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में बने रहने के सवाल पर रामविलास पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को लेकर जो भी फैसला चिराग पासवान (Chirag Paswan) करेंगे, मैं उसके साथ हूं. अब चिराग ही अध्यक्ष हैं. उनको स्वतंत्र फैसला लेने का हक है. हर आदमी चाहता है कि मैं आगे बढूं, लेकिन वे चाहते हैं कि उनका बेटा या बेटी और आगे बढ़े. गौरतलब है कि एनडीए सरकार में रामविलास पासवान अभी मंत्री हैं. उन्होंने कहा, मैं तो पहले भी चाहता था कि चिराग मंत्री बनें, लेकिन चिराग ने कहा कि नहीं पापा मंत्री बनेंगे. रामविलास पासवान ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) उनके नेता हैं और उस नाते उनकी प्रतिबद्धता पीएम के प्रति है. ये बातें उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में कहीं.

नीतीश और रामविलास के बीच ‘खटराग’

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का यह बयान तब आया है जब इन दिनों पुरजोर चर्चा है कि रामविलास पासवान, उनके पुत्र और लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बीच इन दिनों राजनीतिक मोर्चे पर सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. दरअसल इस चर्चा को हवा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के जन्मदिन के दिन मिली. इसी रविवार को रामविलास पासवान का जन्मदिन था. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रात में 9 बजे के बाद पासवान को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया और उसका रामविलास पासवान ने गर्मजोशी से जवाब भी दिया. पर उसके थोड़ी देर बाद उस ट्वीट को डिलीट कर एक सामान्य धन्यवाद का ट्वीट उनके टाइमलाइन पर दिखा.

ये हो सकती है दूरी की वजहमाना जा रहा हैं कि चिराग पासवान विधान परिषद की बारह सीट में राज्यपाल कोटे से अपनी पार्टी के लिए हिस्सेदारी चाहते हैं. साथ ही विधानसभा के लिए उनकी जो सीटों की मांग है वो शायद नीतीश कुमार या भाजपा इस बार देने के मूड में नहीं हैं, क्योंकि उनका मानना है कि चिराग पासवान के पास दस से ज्यादा उम्मीदवार ढंग के नहीं हैं.



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