
प्रतीकात्मक फोटो.
पटना:
बिहार (Bihar) में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मंत्रिमंडल के गठन के बाद दूसरी कैबिनेट की बैठक में सरकार ने अपने पांच साल के एजेंडे पर मुहर लगा दी. इसके तहत बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के वादों को आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 के नाम से जाना जाएगा. राज्य में कोरोना की वैक्सीन जहां सभी को मुफ़्त दी जाएगी वहीं बीस लाख लोगों के रोजगार की व्यवस्था भी की जाएगी. हालांकि 20 लाख लोगों को कैसे रोज़गार दिया जाएगा, इसके बारे में कोई विस्तार से चर्चा नहीं की गई है. केवल इतना कहा गया है कि सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्र में 20 लाख से ज़्यादा रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे.
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हालांकि रोजगार का वादा भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किया था और साफ़ कहा था कि 15 लाख रोज़गार के अवसर पैदा किए जाएंगे और साथ ही साथ four लाख लोगों को सरकारी नौकरी की जाएगी. अब कोरोना की वैक्सीन मुफ्त देने की बात भी इसमें प्रमुखता से शामिल की गई है. हालांकि बिहार के सभी लोगों को वैक्सीन कब तक उपलब्ध कराई जाएगी इसके बारे में कोई रोडमैप नहीं है.
आत्मनिर्भर बिहार के 7 निश्चय पार्ट-2 के तहत युवा शक्ति बिहार की प्रगति या सशक्त महिला सुरक्षा महिला जैसे कार्यक्रमों के अंतर्गत ग्रेजुएट होने पर महिलाओं को अब 50 हज़ार की आर्थिक सहायता और इंटर पास करने पर अविवाहित महिलाओं को 25 हजार की सहायता देने का प्रावधान किया गया है. साथ ही महिलाओं के बीच उद्यमिता बढ़ाने के लिए उन्हें पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का कार्यक्रम शुरू करने की बात कही गई है. इसके अलावा हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का पुराना वादा नीतीश कुमार ने फिर से दोहराया है. कहा गया है कि हर संभव माध्यम से हर खेत तक सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा शहर में रहने वाले बेघर भूमिहीन गरीब लोगों को अब बहुमंजिला भवन बनाकर आवास उपलब्ध कराया जाएगा.
इस बार के 5 साल के कार्यक्रम में नीतीश कुमार मंत्रिमंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को नियमित एवं बेहतर रूप से संचालित टेली मेडिसिन के माध्यम से जिला अस्पताल से जोड़ने का वादा किया है. साथ ही दलहन के उत्पादन को बढ़ाने हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन की ख़रीद की व्यवस्था करने का सरकार ने वादा किया है. इसके अलावा इस बार आत्म निर्भर बिहार के सात निश्चयों के क्रियान्वयन हेतु संबंधित विभाग अलग से अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे और इसका पर्यवेक्षण बिहार विकास मिशन के माध्यम से किया जाएगा. जिला स्तर पर भी इसकी मॉनीटरिंग प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति करेगी.

