कल का मौसम: मानसून की सक्रियता से कई राज्यों में बारिश का दौर जारी

Tomorrow's Weather

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 जुलाई को देश के विभिन्न हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून काफी सक्रिय रहने वाला है। उत्तर भारत के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बनी हुई है। किसानों, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

इस दौरान पूर्वी और मध्य भारत में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं, जबकि पश्चिमी हिस्सों में कुछ जगहों पर मौसम शुष्क रह सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं विभिन्न राज्यों में कल के मौसम का हाल।

उत्तर भारत में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में 16 जुलाई को बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

  • दिल्ली-NCR: दिन भर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 37-39°C के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम 27-29°C तक गिर सकता है। उमस भरी गर्मी महसूस हो सकती है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहेंगी। पश्चिमी UP में भी छिटपुट बारिश संभव। किसानों को खेतों में सावधानी बरतनी चाहिए।
  • पर्वतीय राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। यात्रियों को अनावश्यक आवागमन से बचना चाहिए।

सलाह: IMD ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं (30-50 kmph) की चेतावनी दी है। खुले में काम करने वाले लोग सतर्क रहें।

पूर्वी और मध्य भारत: बिहार-झारखंड में भारी बारिश की आशंका

पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बढ़ने वाली है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

  • बिहार: राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान। कुछ इलाकों में जलभराव संभव, खासकर निचले क्षेत्रों में।
  • झारखंड और ओडिशा: छिटपुट भारी बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना।
  • पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय आदि में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी गरज के साथ बारिश होने वाली है। बिजली चमकने के खतरे को देखते हुए खेतों में काम करने वालों को एहतियात बरतनी चाहिए।

महाराष्ट्र-गुजरात और दक्षिण भारत का मौसम अपडेट

पश्चिमी तट पर भी मानसून सक्रिय रहेगा। महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा संभव है।

दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों में छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में उमस बढ़ सकती है। नदी-नालों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।

पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट

पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 16 जुलाई को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। उप-हिमालयी क्षेत्रों (दार्जिलिंग, कालिम्पोंग) में भूस्खलन और निचले इलाकों (कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी) में जलभराव का खतरा है।

कोलकाता और आसपास के जिलों (उत्तर/दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली) में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुर्शिदाबाद और बर्धमान जैसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।

उत्तराखंड में बारिश से बढ़ी चुनौतियां

पिछले दिनों की भारी बारिश के प्रभाव के चलते उत्तराखंड में कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। कल भी पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी रहेगी। यातायात के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और मौसम अपडेट चेक करते रहें।

राजस्थान में कमजोर मानसून का असर

राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर रहने और शुष्क मौसम की संभावना है। हालांकि, कुछ उत्तरी जिलों (बीकानेर, श्रीगंगानगर आदि) में हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर बना रह सकता है।

आपके शहर का मौसम कैसे रहेगा? (मुख्य टिप्स)

  • बारिश वाले क्षेत्रों में: छतरी साथ रखें, ड्रेनेज सिस्टम चेक करें और पानी भरने वाले इलाकों से दूर रहें।
  • पर्वतीय यात्रा: भूस्खलन वाले रूट्स पर न जाएं।
  • कृषि संबंधी: फसलों को पानी भराव से बचाएं और बिजली गिरने से सावधानी बरतें।
  • स्वास्थ्य: उमस और बारिश के कारण वायरल संक्रमण से बचाव करें।

IMD के अनुसार, मौसम की स्थिति बदल सकती है, इसलिए नियमित रूप से आधिकारिक ऐप या वेबसाइट चेक करें। सुरक्षित रहें और मौसम की खबरों पर नजर रखें।

नोट: यह लेख IMD के नवीनतम बुलेटिन और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। वास्तविक स्थिति के लिए स्थानीय मौसम केंद्र से पुष्टि करें।