बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, ब्रेन कैंसर से जंग हारे

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लखनऊ/गुरुग्राम। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश विधानसभा में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम ब्रेन कैंसर की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 55 वर्षीय सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुने गए थे। वे गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनके निधन से विधानसभा में बसपा की मौजूदगी पूरी तरह खत्म हो गई है।

उमाशंकर सिंह का निधन बुधवार शाम करीब 8:30 बजे गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में हुआ। वे पिछले तीन साल से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। 2022 के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सर्जरी भी करवाई थी। बीमारी चौथे स्टेज तक पहुंच गई थी। इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे, लेकिन हालत बिगड़ती गई।

सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में हुआ था। उनके पिता घूरहु सिंह भारतीय सेना में रहे थे। छात्र राजनीति से उनका सियासी सफर शुरू हुआ। 1991 में सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया से छात्रसंघ चुनाव जीता था।

राजनीतिक सफर और जनसेवा

2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर रसड़ा सीट से विधानसभा चुनाव लड़े और जीते। 2017 और 2022 में भी लगातार जीत हासिल की। 2022 के चुनाव में जब बसपा पूरे उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक सीट जीत सकी, तब उमाशंकर सिंह ही पार्टी के इकलौते विधायक बने।

क्षेत्र में उन्हें जनसेवा के कामों के लिए जाना जाता था। सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए। 2012 में 251 और 2016 में 351 लड़कियों के विवाह करवाए। स्थानीय स्तर पर उन्हें मददगार नेता के रूप में देखा जाता था।

उनके निधन के बाद विधानसभा में बसपा की एक भी सीट नहीं बची। चुनाव आयोग पहले ही बता चुका है कि राज्य में उपचुनाव नहीं होंगे क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मायावती और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि

बसपा सुप्रीमो मायावती ने शोक जताते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह समर्पित, ईमानदार और वफादार नेता थे। उन्होंने उन्हें छोटा भाई माना था और पिछले रक्षाबंधन पर राखी भी बांधी थी। मायावती ने परिवार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रसड़ा विधायक का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को शांति की कामना की। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर लखनऊ स्थित आवास पर लाया गया। मायावती वहां पहुंचीं और अंतिम दर्शन किए। अंतिम संस्कार बलिया में होने की जानकारी है।

परिवार और संपत्ति संबंधी जानकारी

उनकी पत्नी पुष्पा सिंह और बेटा प्रिंस युकेश हैं। परिवार निर्माण और ठेकेदारी से जुड़े कारोबार से जुड़ा है। 2022 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी घोषित संपत्ति करीब 54 करोड़ रुपये थी।

उमाशंकर सिंह का निधन बसपा के लिए बड़ा झटका है। पार्टी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती थी। क्षेत्र में शोक की लहर है। लोग उन्हें याद कर रहे हैं।