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UBSE Uttarakhand board outcome 2020: यह सफलता इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि लक्षित ने डीडीहाट जैसे दुर्गम क्षेत्र में पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की है

पिथौरागढ़. डीडीहाट तहसील के लक्षित बिष्ट ने उत्तराखंड हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा में 97.60 फीसदी मार्क्स लेकर बड़ी सफलता पाई है. असल में लक्षित की यह सफलता इसलिए भी ज़्यादा मायने रखती है क्योंकि उन्होंने डीडीहाट जैसे दुर्गम क्षेत्र में पढ़ाई करके राज्य की मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है. लक्षित को अन्य 2 छात्रों के साथ संयुक्त रूप से सूबे में तीसरा स्थान मिला है. बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के लक्षित अपनी सफलता का क्रेडिट माता-पिता के साथ ही टीचर्स को दे रहे हैं. लक्षित के पिता सरकारी टीचर हैं, जबकि माँ गृहणी हैं.

बचपन से रहा उड़ने का शौक 

ग्लोरियल आईसी डीडीहाट के छात्र लक्षित न तो डॉक्टर-इंजीनियर बनना चाहते हैं और न ही प्रशासनिक अधिकारी. अपने साथियों से अलग लक्षित का टारगेट भारतीय वायुसेना सेना में शामिल हो कर एक दिन एयर चीफ़ मार्शल बनना है.

लक्षित बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही ऊंची उड़ान का शौक़ रहा है. यही शौक उन्हें एयरफोर्स में शामिल होने के लिए प्रेरित करता रहा लेकिन जब उनमें समझ आई तो पता चला कि हवाई उड़ान की उनकी चॉइस देश सेवा का जरिया भी बन सकती है. फिर उन्होंने ये तय कर लिया कि कुछ भी हो जाय इंडियन एयरफोर्स में शामिल होना है.

परिवार का साथ 

लक्षित पढ़ाई के साथ ही खेल-कूद में भी हिस्सेदारी करते हैं. स्कूल में पढ़ाई के अलावा घर में रोज four घंटे पढ़ाई करते थे. लक्षित के फैसले के साथ उनका परिवार भी मजबूती से खड़ा है. उनके परिजनों का कहना है कि लक्षित ने अपनी मेहनत से पढ़ाई में बेहतरीन मुकाम हासिल किया है.

lakshit Bisht and family, लक्षित के परिजन कहते हैं भविष्य को लेकर जो भी उसका सपना होगा उसे साकार करने में वह उसके साथ रहेंगे.

लक्षित के परिजन कहते हैं भविष्य को लेकर जो भी उसका सपना होगा उसे साकार करने में वह उसके साथ रहेंगे.

लक्षित के परिजन कहते हैं भविष्य को लेकर जो भी उसका सपना होगा उसे साकार करने में वह उसके साथ रहेंगे. राज्य की मेरिट लिस्ट में टॉप थ्री में आने पर स्कूल प्रबंधक भी खुश हैं. लक्षित ने 500 में से 488 मार्क्स हासिल कर यह मुकाम पाया है.



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