सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन समाप्त किया, सरकार ने दिए लिखित आश्वासन

sonam wangchuk jp nadda

नई दिल्ली। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में 26 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। 23-24 जुलाई 2026 की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तोड़ा।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और बाद में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद यह फैसला लिया गया। अनशन खत्म करने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तार से जानकारी दी।

सोनम वांगचुक ने बताया कि कई राजनीतिक दलों के 65 सांसदों की अपील और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद अनशन समाप्त करने का फैसला किया। केंद्र सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिए हैं।

सरकार के तीन प्रमुख आश्वासन

सरकार ने तीन मुख्य मुद्दों पर लिखित आश्वासन दिया है। पहला, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

दूसरा, पेपर लीक को रोकने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए संसद में विस्तृत चर्चा होगी। सरकार एक सख्त नया विधेयक लाने पर भी विचार कर रही है।

तीसरा, नीट पेपर लीक के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अनिश्चितता बरकरार

हालांकि, आंदोलनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर सरकार ने कोई तत्काल आश्वासन नहीं दिया है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते तक जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना जारी रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया

अनशन समाप्त होने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य सुधार की कामना की। प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ कि वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें।”

सोनम वांगचुक की मौजूदा स्थिति

26 दिनों के अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का वजन 11 किलो से अधिक कम हो गया। वे काफी कमजोर हैं। डॉक्टरों की देखरेख में स्वास्थ्य सुधरने के बाद वे जल्द ही लद्दाख लौटने की इच्छा जता चुके हैं।

क्या है पूरा मामला?

सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से नीट परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के छात्र आंदोलन के समर्थन में अनशन पर बैठे थे। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

वर्तमान में जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। सरकार के आश्वासनों के बावजूद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया है।