टाटा संस ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 21.8 प्रतिशत बढ़कर 31,961 करोड़ रुपये हो गया है। रेवेन्यू 9.1 प्रतिशत बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये रहा। निदेशक मंडल ने एक शेयर पर 1,10,717 रुपये डिविडेंड की सिफारिश की है। यह फैसला शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। टाटा संस शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
टाटा संस ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने जानकारी दी है।
कंपनी का रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 9.1 प्रतिशत बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये पहुंच गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 38,835 करोड़ रुपये था।
टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट में 21.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। यह 31,961 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले साल कंपनी का प्रॉफिट 26,232 करोड़ रुपये था।
निदेशक मंडल ने एक शेयर पर 1,10,717 रुपये डिविडेंड की सिफारिश की है। यह सिफारिश शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगी। टाटा संस की शेयर बाजारों में लिस्टिंग नहीं हुई है।
टाटा संस का वित्तीय प्रदर्शन
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा ग्रुप का वित्तीय प्रदर्शन वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत रहा। उन्होंने सालाना रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
वर्ष 2025-26 वैश्विक संघर्षों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश का साल रहा। इसके बावजूद टाटा समूह ने वित्तीय मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया।
टाटा ग्रुप का समग्र नतीजा
एकीकृत स्तर पर टाटा समूह का रेवेन्यू 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16,24,030 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध लाभ 51.9 प्रतिशत बढ़कर 1,70,525 करोड़ रुपये पहुंच गया।
वित्त वर्ष 2025-26 में समूह का राजस्व वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में 2.1 गुना हो गया है। लाभ 5.4 गुना बढ़ा है। यह समूह की विभिन्न कंपनियों में किए गए सुधारों का नतीजा है।
एयर इंडिया का घाटा बढ़ा
टाटा समूह के लिए एयर इंडिया इस समय बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी का घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 22,238 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह घाटा 10,859 करोड़ रुपये था।
चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया के लिए यह साल संघर्षपूर्ण रहा। तेल की कीमतों में उछाल, कई रूट्स का बंद होना, एआई 171 का क्रैश और पश्चिम एशिया में तनाव का असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि इतिहास की हर बड़ी एयरलाइन को खड़ा होने में दशकों का समय लगा है। एयर इंडिया के परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
ये नतीजे टाटा संस और पूरे टाटा ग्रुप के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाते हैं। एयर इंडिया के घाटे को लेकर कंपनी प्रबंधन सतर्क बना हुआ है।

