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एक तरफ जहां PM मोदी और CM नीतीश सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन करने और मास्क लगाने की बात कहते हैं, वहीं उनके जनप्रतिनिधि ही इसकी गंभीरता नहीं समझ रहे.

समस्तीपुर. सावन के शुक्ल पक्ष में मैना पंचमी होता है. इसी दिन को समस्तीपुर के कुछ जगहों पर नाग पंचमी (Nag Panchami) के तौर पर पूरे धूमधाम से मनाते हैं. इस दौरान कई क्षेत्रों में भगत द्वारा बड़े-बड़े विषधर सांपों को निकाला जा रहा था. इसे देखने के लिए हजारों लोगों के हुजूम विभूतिपुर के सिंघिया के बिसहरी मंदिर पर जुट गया. इस मौके पर भगत के द्वारा करतब दिखाए गए जिसका लोग आनंद लेते रहे पर इस दौरान कोरोना जैसी संक्रामक बीमारी का डर नहीं दिखा. बता दें कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बावजूद इस तरह के मेले या किसी बड़े आयोजन एवं सभाओं पर रोक है, बावजूद इसके इतना बड़ा आयोजन हुआ. इसमें न सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) दिखा और न ही लोगों के चेहरे पर मास्क. सबसे खास बात ये कि सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के विधायक रामबालक सिंह (JDU MLA Rambalak Singh) भी वहां मौजूद रहे और खुद भी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते रहे.

एक तरफ जहां  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की बात लोगों से कहते हैं, वहीं उनके साथ के जन प्रतिनिधि ही इसकी गंभीरता का मजाक उड़ाते देखे जा सकते हैं. भगत बज विषधर सांपों के साथ करतब दिखा रहा था तो लोगों के बीच विधायक जी मौजूद थे. और तो और वे भी तो मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग की बात भूल गए. सत्ताधारी जेडीयू के विधायक के सामने ही अलग-अलग प्रजाति के सांपों के साथ भगत करतब दिखाता रहा. इस दौरान छोटे-छोटे बच्चे भी जहरीले नागों को अपने हाथों में रखकर दिख रहे थे.

हालांकि मीडिया से बात करते बात जदयू विधायक रामबालक सिंह के चेहरे पर मास्क जरूर दिखा, लेकिन, वह मुंह पर नहीं बल्कि नाक से हटा हुआ गर्दन के पास लटक रहा था. विधायक ने कहा कि यह मेला सैकड़ों वर्षो से लगता है. यहां भगवती की कृपा से सैकड़ों सांप निकाला जाता है. आज के दिन माता भगवती कृपा से विषैला सांप किसी को कुछ नहीं करता है.

नागपंचमी के मौके पर समस्तीपुर जिले में करतब दिखाता भगत.

बहरहाल आस्था और अंधविश्वास का या खेल बेजुबान सैकड़ों सांपों के साथ घंटों तक होता रहा. करोना काल में लोग तमाम उन बातों को भूल गए जिससे खतरनाक कोरोनावायरस से बचा जा सके. सवाल ये भी है कि  जब सरकार के द्वारा किसी भी बड़े आयोजन पर रोक लगा रखी है तो नाग पंचमी के मौके पर आस्था और अंधविश्वास का यह खेल किसके आदेश पर हो रहा था वह भी सत्ताधारी विधायक की मौजूदगी में.



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