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Vikas Dubey Killed: विकास दुबे (Vikas Dubey) के पिता राम कुमार ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से मना कर दिया है. राम कुमार (Ram Kumar) ने कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ. सही किया कि पापी मारा गया. विकास दुबे की पत्नी ऋचा (Richa Dubey) ने पहले ही शव लेने से मना कर दिया था.

कानपुर. गैंगस्टर विकास दुबे की मौत के बाद अब सारा मामला उसके अंतिम संस्कार पर आकर अटक गया है. विकास के पिता राम कुमार ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से मना कर दिया है. राम कुमार (Ram Kumar) ने कहा कि जो हुआ अच्छा हुआ. सही किया कि पापी मारा गया. विकास दुबे की पत्नी ऋचा (Richa Dubey) ने पहले ही शव लेने से मना कर दिया था. फिर पुलिस ने विकास की मां सरला देवी देवी (Sarla Devi) से संपर्क किया तो उन्होंने भी इनकार कर दिया. वहीं, एसटीएफ की ओर से जारी एक प्रेस नोट में साफ कहा गया है कि विकास दुबे को ले जा रही गाड़ी के सामने अचानक मवेशियों का एक झुंड आ गया. बचाने की कवायद में गाड़ी हादसे का शिकार हो गई.  एसटीएफ के मुताबिक, पुलिस विकास दुबे को जिंदा पकड़ा चाहती थी. उसके करीब जाने की भी कोशिश की गई, लेकिन विकास गोलियां (Firing) चलाता रहा. पुलिस ने आत्मरक्षा में पटलवार किया.

पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी

वहीं, विकास दुबे (Vikas Dubey) का पोस्टमार्टम अब डॉक्टरों की टीम ने शुरू कर दिया है. पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग (Recording) की जा रही है. विकास दुबे के एनकाउंटर की खबर मिलते ही उसकी पत्नी फूट-फूट कर रोने लगी. रचि ने अपने पति विकास दुबे का आखिरी बार चेहरा देखने की गुहार लगाई है. वहीं दूसरी तरफ विकास की मां सरला देवी ने बेटे की मौत की सूचना के बाद खुद को घर में बंद कर लिया है. वे अब किसी से भी नहीं मिल रही हैं और मीडिया (Media) से भी कोई संपर्क स्‍थापित नहीं कर रही हैं. जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों की एक टीम ने विकास दुबे के शरीर से सैंपल लिए थे. वहीं वीडियोग्राफी के साथ डॉक्टरों की एक टीम उसका पोस्टमार्टम कर रही है. पोस्टमार्टम से पहले शरीर में फंसी गोलियों (Bullet) का पता लगाने के लिए विकास दुबे के शव को एक्स रे (X-ray) के लिए भेजा गया था.

लोगों ने बांटी मिठाईविकास दुबे के एनकाउंटर के बाद कानपुर के बिकरू गांव के लोगों ने एक दूसरे को मिठाई बांटी. उनका कहना है कि पूरा इलाका आज बहुत खुश हैं. गांव के लोकल लोगों ने कहा कि वे ऐसा महसूस कर रहे हैं कि वे आजाद है. ये आतंक के युग का अंत है.

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दिए गए कुछ ऐसे बयान

मालूम हो कि पहले कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि विकास दुबे को ला रहे काफिले के पीछे कुछ गाड़ियां लगी हुई थी. यह लगातार पुलिस के काफिले को फॉलो कर रही थी. जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई. बारिश तेज़ थी इसलिए गाड़ी पलट गई. एसएसपी के मुताबिक, इस मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे भागने की कोशिश में था. हमारे एसटीएफ जवान इस गाड़ी को पीछे से फॉलो कर रहे थे. वहीं, एसटीएफ की ओर से जारी प्रेस नोट में मवेशियों की झुंड का जिक्र किया गया है.



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