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विकास दुबे (Vikas Duby) को पुलिस फरीदाबाद से लेकर एनसीआर में उसे खोजती रही और शातिर बदमाश विकास उज्जैन (Ujjain) पहुंच गया. इस बीच बड़े शातिराना अंदाज में उसने अपनी गिरफ़्तारी दी. या यूं कहें उसने सरेंडर ही किया.

लखनऊ. कानपुर (Kanpur) में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से फरार चल रहा पांच लाख का इनामी विकास दुबे (Vikas Dubey) सातवें दिन उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) से गिरफ्तार (Arrest) हुआ. पुलिस फरीदाबाद से लेकर एनसीआर में उसे खोजती रही और शातिर बदमाश विकास उज्जैन पहुंच गया. इस बीच बड़े शातिराना अंदाज में उसने अपनी गिरफ़्तारी दी. या यूं कहें उसने सरेंडर ही किया. हालांकि अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी के मुताबिक़ मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस की देर रात से विकास दुबे पर नज़र थी. महाकाल मंदिर के आस-पास उसने शरण ले रखी थी. आज सुबह पुजारी की जानकारी के बाद पुलिस ने वहां से विकास को अपनी हिरासत में लिया. विकास को लखनऊ लाया जा रहा है, उसके लिए पुलिस की पांच टीमें उज्जैन  रवाना हो गई है. शाम तक वह लखनऊ पहुंच सकता है.

‘तिवारी’ नाम का एक शख्स कर रहा था विकास की मदद

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक तिवारी नाम के एक शख्स ने उसकी मदद की. उसी ने ही विकास दुबे को महाकाल मंदिर तक पहुंचाया. जहां पर उसने खुद को पकड़वाया. उसने बड़े शातिर अंदाज में उसने कैमरे के सामने कहा कि वह विकास दुबे है कानपुर वाला. वह यह जानता था कि यही एक तरीका है जिससे वह एनकाउंटर से बच सकता है. क्योंकि अभी तक उसके पांच गुर्गे मार गिराए गए हैं.

होमगार्ड ने दी सीनियर को जानकारीमहाकाल मंदिर में तैनात एक होमगार्ड ने उसकी जानकारी अपने पलटन कमांडर को दी. उसके बाद पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. इसके बाद वह खुद ही चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि वह कानपुर वाला विकास दुबे है.

 



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